यह भारत में अपनी तरह का पहला उपकरण है, जिसे प्रो. सुहेल परवेज और उनके दल द्वारा विष विज्ञान विभाग, स्कूल ऑफ केमिकल एंड लाइफ साइंसेज, जामिया हमदर्द (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), नई दिल्ली में विकसित किया गया है, जिन्होंने मस्तिष्क में एलटीएम समेकन की प्रक्रिया को समझने के लिए व्यवहार टैगिंग मॉडल बनाया है। यह शोध हाल ही में ’थेरानोस्टिक्स’ और ’एजिंग रिसर्च रिव्यूज’जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने व्यवहारिक टैगिंग मॉडल को विकसित करने के लिए बायो-सिग्नल प्राप्त करने के लिए ’विश्वविद्यालय अनुसंधान और वैज्ञानिक उत्कृष्टता संवर्धन (पर्स)’ कार्यक्रम के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के सहयोग से विष विज्ञान विभाग में स्थापित इन विवो इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी सुविधा का उपयोग किया।

अनुबंध स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यो का होगा म

जामताड़ा:लोगोंकोस्थानीयस्तरपरप्राथमिकस्वास्थ्यसेवाउपलब्धकरानेकेउद्देश्यसेपदस्थापितअनुबंधपरकार्यरतएएनएम,जीएनएमवस्वास्थ्यकर