बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि,’दूसरे टेस्ट के दौरान जिस जगह भारतीय टीम रुकी थी वह काफी विशाल जगह थी। वहां टहलने के लिए ट्रैक और घूमने के लिए एक तालाब भी था। इस जगह ने खिलाड़ियों के लिए काफी कुछ मानसिक तौर पर आसान भी कर दिया जो पिछले दो सालों से विदेशी दौरे पर कमरों में ही कैद रहते थे।’