Category Hierarchy

जागरणसंवाददाता,फतेहाबाद:

प्रत्येकवर्ष3मार्चकोविश्ववन्यजीवदिवसमनायाजाताहै,ताकिबढ़तीमनुष्यकीआबादीमेंकिसीतरहवन्यजीवोंकोबचायाजासकताहै।जिलेमेंभीबड़ीसंख्यामेंवन्यजीवविचरणकरतेहै।परंतुअबसमस्याइनवन्यजीवोंकेसंरक्षणकोलेकरआरहीहै।लगातारआवाराकुत्तोंकेहमलेकाशिकारतोइनपरहोताहीहै,वहींकईबारशिकारीभीइनकाशिकारकरदेतेहै।ऐसेमेंवन्यजीवोंकीसंख्यालगातारकमहोरहीहै।जिलेमेंकभीबड़ीसंख्यामेंहिरण,मोर,नीलगायसहितअन्यवन्यप्राणीमिलतेहै।लेकिनलगातारइनपरखतरामंडरारहाहै।ऐसीहीहालतरहेतोयेआनेवालेकुछसमयमेंखत्महोनेकीकगारमेंपहुंचजाएंगे।

जिलेमेंबनेतीनवन्यप्राणीरिजर्वकेंद्र:

प्रदेशसरकारनेपिछलेएकसालमेंजिलेमेंप्रदेशसरकारनेतीनजगहवन्यप्राणीजीवकेलिएरिजर्वकेंद्रबनाएहै।इसमेंगांवधांगड़में25एकड़मेंहिरणोंकेलिएशहीदअमृतादेवीस्मारकसामुदायिकरिजर्वबनाया।वहीं,गांवढाणीमाजरामेंगुरुजंभेश्वरसामुदायिकसंरक्षितकिया।कछुओंकेसंरक्षणकेलिएगांवकाजलहेड़ीमेंगुरुगोरखनाथसामुदायिकरिजर्वबनायाहै।वहींघायलवन्यजीवोंकेउपचारकेलिएरेस्क्युसेंटरबनानेपरभीसरकारकामकररहीहै।ऐसेमेंसरकारकेकुछप्रयाससेवन्यजीवोंकोबचानेमेंमददमिलेगी।

वनक्षेत्रकमहुआतोमंडरायाखतरा:

जिलेमेंघनाजंगलसिर्फसालमखेड़ाकेपासवनविभागकीजमीनपरहै।जोकिसिर्फ38हेक्टेयरमेंहै।ऐसेमेंजंगलकेअभावमेंवन्यजीवोंकेजीवनपरसंकटमंडरानेलगाहै।प्रदेशसरकारकेपासजगहकाअभावहै।ऐसेमेंवनक्षेत्रकोविकसितभीनहींकियाजारहा।सामुदायिकवानिकीयोजनाकेअभावमेंअसंरक्षितवनक्षेत्रभीनहींबढ़रहा।बिनाजंगलकेवनजीवोंकासंरक्षणकरनामुश्किलहोरहाहै।

येलगेहैवन्यजीवोंकोबचानेमें--विनोदकड़वारानेवन्यजीवोंकोबचानेकेलिएशुरूकीएंबुलेंससेवा:

शिक्षाविभागमेंसहायकखंडसंसाधनसंयोजकविनोदकड़वासरापिछलेएकदशकसेपर्यावरणसंरक्षणकेलिएकार्यकररहेहैं।गांवधांगड़,काजलहेड़ीवढाणीमाजरामेंवन्यजीवोंकेसंरक्षणकेलिएप्रोजेक्टरिपोर्टउन्होंनेहीतैयारकी।उसकेबादप्रदेशसरकारनेतीनोंगांवोंमेंहिरण,कछुआवमोरकेलिएसंरक्षितस्थानरिजर्वकिए।बड़ोपलनिवासीविनोदकड़वासरानेबतायाकिक्षेत्रमेंबड़ीसंख्यामेंकुछलोगवन्यजीवोंसेफसलोंकीसुरक्षाकेलिएब्लैडनुमातारकीबाड़बंदीकरतेथे।इससेहिरणकोबहुतअधिकनुकसानहोताथा।लोगखतरनाकतारोंसेबाड़बंदीनकरें,इसकेलिएअभियानचलाया।वहींखेतोंमेंरखवालीकेलिएरखेजानेवालेशिकारीरखवालोंपरभीरोकलगवाई।शिकारीरखवालेटोपीदारपाउडरबंदूकसेवन्यजीवोंकाशिकारकरतेथे।अबऐसानहींहै।विनोदकीसंस्थापिपुलफॉरएनिमल्सवन्यजीवोंकोबचानेकेलिएअभियानचलारहीहै।येप्रदेशमेंपहलीउनकीसंस्थाहैजिनकेपासवन्यजीवोंकेलिएएंबुलेंससेवाशुरूकी।उनकीसंस्थाकीएंबुलेंससेवापिछलेपांचसालोंसेसेवादेरहीहै।

नाढ़ोड़ीकेराधेश्यामने6शिकारियोंकोजेलकीसलाखोंकेपीछेपहुंचाया:

गांवनाढ़ोड़ीकेराधेश्यामधारनियापैशेसेकिसानहै।लेकिनवन्यजीवोंकोबचानेमेंसबसेआगेरहतेहै।क्षेत्रमेंकहींभीघटनाहोतुरंतपहुंचजातेहै।वहीं,वन्यजीवोंकोमारनेवालोंकोसलाखोंकेपीछेभेजनेकीजिदठानीहुईहै।वेअबतकअपनेक्षेत्रमेंशिकारकरनेआनेवालेकरीब6लोगोंकोसजाकरवाचुकेहैंऔरचारकेमामलेकोर्टमेंविचारधीनहैं।जिनशिकारियोंकोउन्होंनेसजाकरवाईवेअक्सरउन्हेंजानकीमारनेकीधमकीदेतेहै,लेकिनडरेबगैरउन्होंनेक्षेत्रकेकईशिकारियोंकोजेलभिजवायाहै।गुरुजंभेश्वरभगवानकेअनुयायीराधेश्यामकाकहनाहैकिउनकीढाणीनाढोड़ीसेजांडलीजानेवालेरोडपरहै।बिश्नोईबहुलक्षेत्रहोनेकेचलतेउनकेक्षेत्रमेंवन्यजीवबड़ीसंख्यामेंविचरणकरतेहै,जिसपरहमेशासेहीशिकारियोंकीनजररहतीहै।वर्ष1998केआसपासउनकेक्षेत्रमेंआनेशिकारियोंकीसंख्यामेंबढ़गईथी।उसीदौरानउन्होंनेखेतमेंफार्महाउसबनायाथा।कुछशिकारियोंनेएकनीलगायकामारदिया।उन्होंनेशिकारियोंकेखिलाफगवाहीदी।वर्ष2004मेंउनकेक्षेत्रमेंएकहिरणकाशिकारकरदिया।उन्होंनेशिकारियोंकामुकाबलाकिया।वोशिकारीजांडलीगांवकेथे,जिसकेबादपर्यावरणकोर्टकुरूक्षेत्रमेंउनकेखिलाफगवाहीदी।

20वर्षपहलेशुरूहुआअभियानअबभीजारीहै।इतनाहीनहींराधेश्यामवन्यजीवोंकोबचानेकेलिएअपनेफार्महाउसमेंउचितउपचारकीव्यवस्थाकीहुईहै।घायलजीवकोअपनेफार्महाउसपररखतेहै।ठीकहोनेपरउन्हेंवापसखेतोंमेंछोड़देतेहै।

प्रदेशसरकारपर्यावरणएवंवन्यजीवसंरक्षणकेलिएअनेककार्यकररहीहै।गतवर्षहीजिलेमेंतीननएरिजर्वकेंद्रखोलनेकीघोषणाकीहै।अबउनपरकामशुरूहोगया।सूचनामिलनेकेबादवन्यप्राणीविभागकेअधिकारीवकर्मचारीमौकेपरपहुंचकरवन्यजीवोंकोबचातेहै।इसकेलिएप्रदेशसरकारनेएंबुलेसकीसुविधाभीदीहुईहै।

-राजवीरसिंह,सब-इंस्पेक्टर,वन्यप्राणीविभाग।

जिलेमेंवनक्षेत्र:

कैटेगरीवनक्षेत्रहेक्टेयरमें

ब्लैकफोरेस्ट38.44

प्रोटेक्टेडफोरेस्ट4136

अवर्गीकृतफोरेस्ट48

जिलेमेंवन्यप्राणीकीसंख्या

वन्यप्राणीकानामसंख्या