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संवादसहयोगी,अजीतमल(औरैया):रजबहोंमेंउड़रहीधूलकीवजहसेकिसान¨चतितहैं।खेततैयारकरनेकेलिएकिसानोंकोपलेवाकरनेकासंकटदिखाईपड़रहाहै।इससेआलूकीफसलबोनेकेलिएकिसानलेटहोरहेहैं।लेकिनप्रशासनकिसानोंकीसमस्याओंकीओरकोईध्याननहींदेरहाहै।

खेतमेंबाजरेकीफसलकटकरघरमेंपहुंचचुकीहै।धानकीफसलभीकटकरघरपहुंचरहीहै।अबकिसानआलूकेलिएखेततैयारकरनाचाहताहै,लेकिनरजबहेमेंधूलउड़रहीहै।इससेकिसानोंकेसामनेपलेवाकासंकटखड़ाहै।नलकूपसेपलेवाकरनामहंगापड़रहाहै।इससेकिसानपरेशानहैं।उनकेसमझमेंनहींआरहाहै।वहआलूकीफसलकेलिएखेतकैसेतैयारकरें।इसकेचलतेआलूबुआईलेटहोरहीहैं।किसानोंकीसमस्याओंकेबारेमेंअधिकारीएकदूसरेकेऊपरआरोपलगादेतेहैंऔरविभागकेअधिकारियोंसेसमस्याकानिदानकरनेकाआश्वासनभीदेतेहैं।किसानोंनेप्रशासनसेरजबहोंमेंपानीछोड़ेजानेकीमांगकीहै।उपजिलाधिकारीराजेंद्रकुमारनेबतायाकि¨सचाईविभागसेबातकररजबहोंमेंपानीछुड़वायाजाएगा।