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दिल्लीकेबॉर्डरोंपरधरनादेतेकिसानोंकोएकमहीनेसेभीऊपरकावक्तहोगयाहै.पंजाबकेकिसानतीननएकेंद्रीयकृषिकानूनोंकोवापसनलिएजानेतकधरनादेनेकोडटेहैं,वहींउन्हेंअपनेखेतोंमेंनईफसलकेलिएसिंचाईकीभीफिक्रहै.किसानोंकीरणनीतिहैकिएकट्रैक्टरअगरगांवमेंवापसलौटताहैतोकिसानोंकेदोट्रैक्टरधरनास्थलकेलिएरवानाहोजाएं.

जोकिसानधरनेपरगएहैं,उनकेघरकीजिम्मेदारीपूरेगांवकीहै.आखिरक्याहालहैपंजाबकेगांवोंका,यहजाननेकेलिएआजतकअमृतसरसेकरीब45किलोमीटरदूरस्थितसियालकागांवपहुंचा.यहांसेबड़ीसंख्यामेंकिसानदिल्लीकेसिंघुऔरटीकरीबॉर्डरपरधरनादेरहेहैं.खेतोंमेंखड़ीफसलकोदेखनेकीजिम्मेदारीऔरउन्हेंमंडियोंतकपहुंचानेकेकामघरकेबचेहुएसदस्योंऔरअन्यगांववालोंकी है.

युवाकिसानसुखबीरसिंहकहतेहैं,“जोलोगआंदोलनमेंगएहैं,पूरागांवमिलकरउनकीफसलदेखरहाहैऔरउनकेपरिवारोंकीमददकररहाहै.जोअपनेगांवमेंनहींहैउसकीजिम्मेदारीपूरेगांवकीहै.उनकेखेतमेंखादसेलेकरपानीऔरहरजरूरतहमपूराकरतेहैं.”किसाननिर्मलसिंहकाकहनाहै,“खेतोंसेफसलनिकालनेसेलेकरउन्हेंमंडियोंतकपहुंचानेमेंएक-दूसरेकीमददकीजारहीहै.

कईकिसानअपनेखेतोंमेंखादछिड़करहेहैं,जिसकीजिम्मेदारीसेमुक्तहोनेकेबादउनकीदिल्लीकूचकरनेकीतैयारीहै.कुलवंतसिंहऔरउनकेभाईभीऐसेहीकिसानहैं.कुलवंतकोकृषिकानूनकीबारीकियांनहींपतालेकिनकिसानोंकेसाथवेकंधेसेकंधामिलाकरचलनाचाहतेहैं.

घर-घरसेमददजुटारहेबुजुर्गकिसानजोधरनेकेलिएनहींगएवोगांव-गांवघर-घरजाकरमददजुटारहेहैं.यहींस्थितिकमोवेशअन्यगांवोंकीभीहै.कोशिशयहीहैकिजरूरीसामानखरीदकरदिल्लीमेंधरनादेरहेकिसानोंतकपहुंचायाजाए.जोजिसकी सामर्थ्यहै,50रुपएसेलेकर5,000रुपएतक,अनाजकेबोरोंसेलेकरसब्जियोंकेटोकरोंतक,सबउसकेहिसाबसेअपनासहयोगकररहेहैं.घर-घरजाकरचंदाजुटानेमेंबुजुर्गकिसानसबसेआगेहैं,जोअपनीबड़ीउम्रकीवजहसेधरनेकेलिएनहींजासके.6डिग्रीसेल्सियसतककीकड़ाकेकीठंडमेंभीइनबुजुर्गकिसानोंकाहौसलादेखनेलायकहै.

सियालकागांवकेहीकिसानसुखबीरसिंहकहतेहैं,"हमारेगांवसेएकग्रुपपहलेहीदिल्लीजाचुकाहैऔरदूसरातैयारहोरहाहै.आपसमेंबैठकरहमतयकरतेहैंऔरचावलदालआटालेकरसारीव्यवस्थाकेसाथदिल्लीजातेहैं.यहांहमगांव-गांवघर-घरजाकरलोगोंसेमददमांगतेहैंऔरलोगअपनीखुशीसेइसआंदोलनकेलिएदानकररहेहै.’’

मिलनेवालेछोटेसेछोटेचंदेकाभीकागजपरपूराहिसाबरखाजाताहै.बलविंदरसिंहउनकिसानोंमेंसेहैंजोघर-घरजाकरचंदाजमाकरतेहैं.किसानआंदोलनकीफंडिंगपरउठनेवालेसवालोंकोलेकरबलविंदरसिंहकाकहनाहै,"हमनेचंदाशुरूकियाऔरलोगपैसादेरहेहैं.अपनीकमाईकादसवांहिस्साअच्छेकामकेलिएदानकरनासिखोंकीपरंपराभीहैजोहमारेदसवेंगुरुनेशुरूकीथी.”

कॉरपोरेटकेफायदेमेंबनाएगएकानून!

किसानोंकेलिएऐसाकहाजारहाहैकिउन्हेंनिहितस्वार्थोंकीओरसेनएकृषिकानूनोंकोलेकरगुमराहकियाजारहाहै?इससवालकाजवाबदेनेकेलिएइसरिपोर्टरकीएकचौपालमेंसामनेआए.युवाकिसानखुशदीपसिंहकहतेहैं,"सरकारने23फसलोंकेलिएन्यूनतमकीमततयकीहैलेकिनहमेंदोफसलोंकेलिएभीपूरीकीमतनहींमिलती.हमारेखेतमेंगोभीकीफसलतैयारहैलेकिन5से7रुपएकिलोमेंगोभीबिकरहीहैजिससेहमाराखर्चाभीनहींनिकलता.सरकारगेहूंचावलपरभीएमएसपीखत्मकरदेगी.यहकानूनकॉरपोरेटकोदेखकरबनायागयाहै.अबतक5बारबैठकेंहुईहैंऔरसरकारनेखुदकहाकिहमसंशोधनकरनेकोतैयारहैं.अगरकानूनमेंसबकुछठीकहैतोसंशोधनक्योंकररहेहैं?प्याजकेमौसममेंकिसानोंकोकीमतनहींमिलतीलेकिनजबमौसमखत्महोजाताहैतोरेटचढ़नेलगतेहैं.किसानहरकिसीकाभलासोचरहाहैक्योंकिउसेजमाखोरीवालेकानूननहींचाहिए.”

किसानअपनाभला-बुराखुदअच्छीतरहजानताहै.किसानोंसेजबऐसेआरोपोंकेसंबंधमेंसवालकियागयाकिउनकेकंधोंपरबंदूकरखकरविपक्षनिशानासाधरहाहै,तोसुखबीरसिंहनेकहा,"यहबातबनाईगईहै.हमनेप्रधानमंत्रीकाभाषणभीसुनालेकिनकिसानसमझदारहैऔरउसेसबकुछपताहै.छोटेसेछोटाकिसानभीसमझदारहोगयाहैइसलिएसरकारकोमाननातोपड़ेगाऔरहमपीछेनहींहटेंगे?

ऐसेदावे-प्रतिदावेभीसामनेआरहेहैंकिकईकिसानसंगठनकृषिकानूनोंकोलेकरसरकारकासमर्थनकररहेहैं?तोक्याकिसानोंकेबीचफूटपड़गई?इससवालपरसियालकाकेकिसानसुखवंतसिंहकहतेहैं,"किसानोंनेसबअच्छाभलासोचकरहीयहकदमउठायाहैक्योंकिसरकारकीनीतियांसेआनेवालेसमयमेंकिसानऔरनीचेगिरजाएगा.सरकारनेबड़ेबड़ेघरानोंकोजमीनदेनाशुरूकरदियाहै.सरकारकिसानोंकोगुमराहकररहीहैलेकिनकिसानगुमराहहोनेवालेनहींहै.”