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डॉ.मानसीसिंह,काशीपुर-

अबनेस्लेसमेतअन्यकॉफीबनानेवालीकंपनियांउत्तराखंडकेतराईमेंपैदाहुईचिकोरीकाउपयोगकरेंगी।चिकोरीकॉफीकेविकल्पकेरूपमेंइस्तेमालहोतीहै।यहमूलीनुमाहोतीहैऔरजमीनकेअंदरपैदाहोतीहै।स्वादमेंकड़वीहोतीहै।प्रोसेसिगकेबादइसकापावडरबनाकरखरीदारकंपनियोंकोभेजतेहैं।यद्यपिकॉफीकाबीजज्यादामहंगाहोताहै।इसलिएकंपनियांचिकोरीकीडिमांडकररहीहैं।विगतवर्षऊधमसिंहनगरकेदसकिसानोंनेलगभग5एकड़मेंइसकीखेतीकीथी।लेकिनइससेमिलनेवालेभारीमुनाफेकोदेखकरइसवर्षबड़ीसंख्यामेंकिसानइसकीखेतीकररहेहैं।इसबारऊधमसिंहनगरकेदोब्लॉकोंजसपुरवकाशीपुरमें20-20एकड़मेंइसेबोयागयाहै।इसेजैविकखेतीकेतहतकिसानउगारहेहैं।

प्रतिएकड़80सेसवालाखतकहोतीबचत

चिकोरीकीखेतीमेंबीज,लेबरखर्चवअन्यखर्चेजोड़करप्रतिएकड़लगभग30हजाररुपएकीलागतआतीहै।एकएकड़मेंतकरीबन300कुंतलपैदावारहोतीहै।एककुंतल500रुपएमेंबिकताहै।इसहिसाबसेलगभगडेढ़लाखरुपएमिलतेहैं।यदिइसकीलागतनिकालदीजायतोउपजकीक्वालिटीकेहिसाबसे80हजारसेलेकरसवालाखतककीशुद्धबचतकिसानोंकोहोतीहै।

गन्नेकेविकल्पमेंअपनारहेकिसान

गन्नाएकएकड़मेंतकरीबन150से200कुंतलतकपैदाहोताहै।तराईमें15से20हजारहेक्टेयरमेंइसेबोयाजाताहै।एकसालबादइसेकाटाजाताहैतथाभुगतानहोते-होतेतीनवर्षलगजातेहैं।इसवजहसेकिसानोंकोकाफीपरेशानीवआíथकनुकसानहोताहै।चिकोरीकीखेतीकरनेवालेकिसानोंकाकहनाहैकिहमेंकमसमयमेंतत्कालअच्छापैसामिलजारहाहै।इसलिएहमअबअपनेफार्मपरगन्नानबोकरचिकोरीपैदाकररहेहैं।

कईप्रदेशोंकेहैंखरीदार

उत्तराखंडकीचिकोरीकेखरीदारकईप्रदेशोंकेहैं।वर्तमानसमयमेंआगरा,कोलकाता,मुरादाबाद,दिल्ली,गुजरातआदिकेखरीदारइसेलेतेहैं।इसकेबादवहइसेनेस्लेसमेतकईमल्टीनेशनलकंपनियोंकोप्रोसेसिगकराकरबेचदेतेहैं।

खरीदकेतीसरेदिनहोजाताभुगतान

चिकोरीकीखरीद-फरोख्तउत्तराखंडजैविकउत्पादपरिषदकीमध्यस्थतामेंहोतीहै।खरीदनेसेपहलेकिसानवखरीदारकेबीचएकएग्रीमेंटहोताहै।जिसकीएककॉपीपरिषदकोभेजीजातीहै।चिकोरीकोबेचनेकेबादभुगतानकीजिम्मेदारीइसपरिषदकीहोतीहै।यदिकोईकिसानकिसीतरहकाभीगलतकामकरताहैतोपूरेग्रुपकीसदस्यतारदकरदीजातीहै।वहींआरटीजीएसकेमाध्यमसेखरीदारप्रमाणितकिसानोंकोतीसरेदिनऑनलाइनभुगतानकरदेतेहैं।भुगतानकीसमयसीमासरकारकीतरफसेनिर्धारितहोतीहै।

यहहैंखरीदकेमानक

जैविकखेतीकरनेसेपहलेकिसानोंकोउत्तराखंडजैविकउत्पादपरिषदउत्पादितफसलकेजैविक(आर्गेनिक)होनेकाप्रमाणपत्रदेतीहै।पंजीकरणसेप्रमाणनतककीप्रक्रियामेंतीनवर्षलगजातेहैं।इसकेबादफसलउगातेसमयखरीदारसेएग्रीमेंटहोताहै।तबजाकरबिक्रीवभुगतानहोताहै।

उत्तराखंडसरकारकररहीकिसानोंकीसमृद्धिकाप्रयास

उत्तराखंडसरकारकिसानोंकीसमृद्धिकेलिएजैविकखेतीकेप्रमाणपत्रकीनिश्शुल्कसुविधाप्रदानकरतीहै।जबकिअन्यप्रदेशोंमेंऐसानहींहै,वहांहरफसलकाशुल्कजमाकरनापड़ताहै।इसलिएयहांकेकिसानग्रुपबनाकरपरंपरागतखेतीकेअलावाअन्यलाभदेनेवालीफसलेंभीअबउगातेहैं।इतनाहीनहींसरकारकिसानोंकोबाजारउपलब्धकरानेकेसाथहीभुगतानकीभीजिम्मेदारीलेतीहै।