Category Hierarchy

संवादसूत्र,रामपुरा:बारिशकीआसमेंलंबेसमयसेआंखेंगड़ाएकिसानोंकोअबजाकरइंद्रदेवनेराहतदीहै।हालांकि,यहबारिशकुछकिसानोंकेलिएतोवरदानरहीलेकिन,कुछफसलोंकोनुकसानभीपहुंचाया।

इसबारकामानसूनकिसानोंकीसमझसेबाहरहीरहा।शुरुआतमेंतोकुछबारिशहुईजिससेकिसानोंनेखेतोंकीजुताईकरमूंग,ज्वार,बाजराकीफसलबोदीथी।लेकिनइसकेबादबारिशनेऐसादगादियाकिखेतोंकीजगहउनकेअरमानोंपरहीपानीफिरनेकेहालातबननेलगे।मेहनतऔरउम्मीदोंसेबोईगईफसलेंखेतोंमेंखड़ी-खड़ीहीसूखनेलगीं,जिन्होंनेकिसानोंकीमाथेपरचिंताकीलकीरेंखींचदीं।लेकिन,गुरुवारऔरशुक्रवारकोमौसमनेअचानककरवटली,इनदोदिनोंमेंहुईबरसातनेकिसानोंकोकुछराहतदीहै।सूखकरबर्बादहोरहीफसलोंकोइसबारिशनेजीवनदानदियाहै।हालांकि,खेतोंमेंखड़ीबाजरेकीफसलकेलिएयहबारिशनुकसानहीलेकरआई।खेतोंमेंपानीभरजानेसेबाजरेकीफसलखराबहोनेकीकगारपरआगईहै।किसानोंकामाननाहैकिअगरयहीबारिशकुछसमयपहलेहोजातीतोखेतीऔरबेहतरहोजाती।